Training seminar held at Schools स्कूलों में आयोजित प्रशिक्षण संगोष्ठी

चेन्नई : भारतीय टेस्ट टीम में वापसी पर नजरें टिकाए बैठे दिनेश कार्तिक ने कहा कि वह अपने शाट्स की बदौलत मध्यक्रम में प्रभाव छोड़ने में सक्षम हैं लेकिन कभी विकेटकीपिंग नहीं छोड़ेंगे. घरेलू सत्र में अच्छे प्रदर्शन की बदौलत कार्तिक ने हाल में एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और टी20 अंतरराष्ट्रीय टीमों में वापसी की लेकिन वेस्टइंडीज दौरे पर सिर्फ बल्लेबा के रूप में खेले. कार्तिक ने पांचवें और अंतिम एकदिवसीय मैच में नाबाद 50 रन बनाए जबकि वेस्टइंडीज के खिलाफ एकमात्र टी20 मैच में 48 रन की पारी खेली.

बांग्लादेश के खिलाफ 2010 में अपना पिछला टेस्ट खेलने वाले कार्तिक ने कहा, ‘‘मैं एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और टी20 टीम का हिस्सा हूं इसलिए अब टेस्ट टीम में स्थान के लिए प्रयास करना चाहता हूं. यह मेरा सपना है. मैं एक बार फिर सफेद पोशाक पहनना चाहता हूं और विराट कोहली की कप्तानी में खेलना चाहता हूं. मेरे पास जिस तरह के शाट हैं वह मध्यक्रम में प्रभाव छोड़ सकते हैं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण है कि मैं मुझे एकदिवसीय प्रारूप में मिले मौके का इस्तेमाल करूं. लेकिन मैं इसके बारे में सोचते रहकर अपने ऊपर दबाव नहीं बनाना चाहता. मेरी योजना जब भी मौका मिले तब रन बनाना है. देश के लिए रन बनाना अच्छा लगता है. टीम में वापसी अच्छा अहसास है. लक्ष्य 2019 में विश्व कप में खेलना है.’’

जब यह पूछा गया कि एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय टीम में बल्लेबाज के रूप में चयन के कारण क्या वह विकेटकीपिंग छोड़कर बल्लेबाजी पर ध्यान देना चाहते हैं तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं विशुद्ध विकेटकीपर और विशुद्ध बल्लेबाज हूं. इस तरह से मैं दो कौशल वाला खिलाड़ी हूं. मैं विशुद्ध ऑलराउंडर हूं और किसी भी स्थान पर फील्डिंग कर सकता हूं. मुझे हमेशा से आत्मविश्वास रहा है कि मैं किसी भी टीम में बल्लेबाज के रूप में खेल सकता हूं. विकेटकीपर मेरे अंदर नैसर्गिक रूप से है. ’’

आईपीएल 2018 में चेन्नई सुपरकिंग्स की वापसी के बारे में कार्तिक ने कहा, ‘‘यह बड़ी चुनौती है. आपको पता है कि शून्य से टीम तैयार करना आसान नहीं होता. नियमों के सामने आने तक हमें कुछ नहीं पता. मैं अपने घरेलू शहर के लिए खेलना पसंद करूंगा. सीएसके ने हालांकि मुझे कभी नहीं चुना है.’’

पिछले घरेलू सत्र में बीसीसीआई की तटस्थ स्थल की नीति पर कार्तिक ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि तटस्थ स्थल का प्रारूप बीसीसीआई का बेहतरीन प्रयास है. लेकिन मुझे लगता है कि टीमों को घरेलू और विरोधी के मैदान पर खेलना चाहिए क्योंकि प्रत्येक संघ के घरेलू मैदान से काफी इतिहास जुड़ा है.’’ उन्होंने कहा कि घरेलू टीमों के पिचों को अपने तरीके से तैयार करने की शिकायतों से टास को खत्म करके निपटा जा सकता है.

आयरलैंड और अफगानिस्तान को टेस्ट दर्जा देने पर उन्होंने कहा, ‘‘यह काफी रोचक होगा. यह देखना होगा कि उनका घरेलू ढांचा कैसा है. आज की दुनिया में यह महत्वपूर्ण है कि टेस्ट क्रिकेट को जितना संभव हो उतना रोमांचक बनाया जाए.’

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